पीएम गति शक्ति योजना के तहत सतना रेलवे स्टेशन के 265.32 करोड़ रुपये के पुनर्विकास प्रोजेक्ट की रफ्तार बेहद धीमी है। 20 महीने बाद भी न तो ड्रॉइंग पास हुई और न ही निर्माण कार्य शुरू हुआ। यह सुस्ती जनउम्मीदों पर पानी फेर रही है।
2023 में सतना जंक्शन को विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने का सपना दिखाया गया था, लेकिन दो साल बीतने के बाद भी कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। पीएम गति शक्ति योजना के तहत घोषित यह प्रोजेक्ट अब तक ड्राइंग और डिज़ाइन तक ही सीमित है। स्टेशन पर सुविधाओं की कमी, अफसरशाही की सुस्ती और नेताओं की सवारी पर साफ-सफाई तक सीमित रेलवे की प्राथमिकता को उजागर करता है। पढ़ें करन उपाध्याय का ब्लॉग प्लेटफार्म।














